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सूर्य व चंद्र ग्रहण

सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव और अशुभ असर से बचने के अचूक वैदिक उपाय

Editorial Team 06 Sep 2026 1 मिनट पढ़ें 1,342 व्यूज
सूर्य ग्रहण का राशियों पर प्रभाव और अशुभ असर से बचने के अचूक वैदिक उपाय
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सूर्य ग्रहण का वैदिक ज्योतिषीय महत्व

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को जगत की आत्मा, मान-सम्मान, आरोग्य और पिता का कारक ग्रह माना गया है। जब सूर्य और पृथ्वी के मध्य चंद्रमा आ जाता है, तो भौतिक रूप से सूर्य ग्रहण घटित होता है।

सूतक काल के मुख्य नियम एवं सावधानियां

सूर्य ग्रहण के स्पर्श से 12 घंटे पूर्व ही सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक काल में भोजन, दूध और पीने के पानी में तुलसी दल अवश्य डालनी चाहिए।

"ॐ आदित्याय विद्महे प्रभाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥"
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